आज हम नीली लाइट की उपयोगिता के बारे में बात करते हैं ।जिस प्रकार हमारे जीवन में सूरज है चंदा है तारे हैं, उसी प्रकार जीवन की घड़ी को ठीक से चलाने के लिए सात रंगों में से एक रंग नीला भी है। जो भी हो प्रकृति ने ऐसी व्यवस्था की है कि, हम जब सुबह उठते हैं और रात को सोते हैं, क्रमशः उस समय प्रकाश का और सोते समय अंधकार का बहुत ही ज्यादा महत्व है। हमारे शरीर को यदि "प्रकाश" भरपूर मात्रा में ना मिले तो उसके लिए प्रकृति ने अलग से व्यवस्था की है ।
प्रकाश गर्मियों के समय में ज्यादा मात्रा में शरीर को मिलता है सर्दियों में कम मात्रा में, अगर हम यूं कहें कि सर्दियों में शरीर को कम धूप मिलती है तो गलत नहीं होगा, सर्दियों में खाने के लिए मूंगफली, बादाम, संतरा जैसी बहुत सारी उपयोगी चीजें सिर्फ सर्दियों में ही मिलती हैं अगर हम यू कहें हैं कि इन सभी चीजों से हमको उस चीज की कमी नहीं रहती, जिसकी की हमें सर्दियों में होती है तो वह है "प्रकाश"और प्रकाश भी "नीला" प्रकाश, नीला प्रकाश हमारी बायोलॉजिकल क्लॉक को सुचारू रूप से चलाता है और मेलाटोनिन पिगमेंट्स बनाने में मदद करता है। रात को जब हम सोते हैं तब मेलाटोनिन अत्यधिक मात्रा में निकलता है और जब सुबह होती है और प्रकाश होने वाला होता है उस समय पर ये पिगमेंटस धीरे धीरे विड्रोल होना शुरू हो जाता है। जिसकी वजह से हमारी नींद खुल जाती है मनुष्य को खुश रखने के लिए हमारे शरीर में सेरिट होने सेराटोनिन बनाने में मदद करता है जो कि हमें खुश रखता है सेराटोनिन हमारे शरीर में नहीं बने तो हम इतना खुश नहीं रहेंगे। थोड़ा काम होंगे जो धूप में काम करते हैं प्रकाश में रहते हैं कुछ ज्यादा रहते हैं और जो लोग ऑफिस में आर्टिफिशियल लाइट की उपस्थिति में काम करते हैं उनको प्रकृति द्वारा प्रदत प्रकाश नहीं मिल पाता है जिस वजह से वह जब शाम को घर आते हैं तो उनको इतनी खुशी इतनी प्रसन्नता का एहसास नहीं होता है ऐसे लोग जब कभी भी अत्यधिक परिश्रम के बाद घर लौट के आते हैं तब उनकी प्रसन्नता उनके चेहरे पर नहीं दिखाई देती है सिर्फ तनाव इस तनाव का कारण पर्याप्त रूप से सटका ना बनना होता है सेराटोनिन पिग्मेंटस का ना बनना होता है अगर ये पिगमेंट नहीं बनता है तो उसका प्रमुख कारण प्रकाश के अंदर नीले रंग की रोशनी है नीले रंग का प्रकाश की बहुत आवश्यकता होती है लेकिन एल ई डी लाइट्स और एलइडी स्क्रीन के अंदर नीले रंग का प्रकाश बहुत अधिक मात्रा में उत्सर्जित होना पाया गया है जिस कारण से हमारी आंखों को अत्यधिक नुकसान पहुंचता है जैसे एज रिलेटेड मैकुलर डिजनरेशन उनमें से महत्वपूर्ण है यदि हम को ब्लू कलर की लाइट के अत्यधिक उत्सर्जन से होने वाली परेशानी से बचना है तो अपनी आंखों के सामने एक ऐसी शील्ड लगा दी जाए जिसकी वजह से वह नीला प्रकाश जो की एलईडी स्क्रीन से अत्यधिक मात्रा में निकलता है वह आपकी आंखों तक नहीं जा पाए यह सिर्फ उन लोगों के लिए है जो लोग कंप्यूटर और मोबाइल और टीवी पर ज्यादा समय बिताते हैं इसका एक नुकसान भी है इस ब्लू कलर की लाइट जोकि शरीर को फायदा करती है लेकिन अधिक मात्रा में नुकसान भी करती है अपनी आंखों को इस से बचाने के लिए रिप्रोडक्शन के रूप में ब्लू कट लेंस या ब्लू कट लेंस का प्रयोग करें और शरीर को ब्लू कलर की मात्रा उचित देने के लिए आधा घंटा धूप में अवश्य बैठे अगर आप धूप में नहीं बैठ सकते हैं तो आधा घंटा एरोबिक्स और एरोबिक्स एक्सरसाइज कर सकते हैं और अगर यह भी नहीं संभव हो पा रहा है तो कुछ ऐसा खाने में जोड़ें जिससे हमारे शरीर को भरपूर भरपूर मात्रा में कुछ ऐसा पदार्थ मिले जिसकी मदद से हमारा शरीर सेराटोनिन बना दे ऐसा कुछ वह पदार्थ होते हैं शो की अमीनो एसिड्स टिप टॉप फैन ट्रिप टो फैन से भरपूर मात्रा में से युक्त होते हैं जैसे कि मूंगफली ओट्स दही चॉकलेट्स आदि पदार्थ क्रिप्टो से युक्त होते हैं ऐसे पदार्थ खाने से हमारा दिमाग अपने आप शेरों ने बना देता है एक्सरसाइज भी नहीं कर पाते हैं तो युक्त पदार्थ खाने से हमारे शरीर में सेराटोनिन की कमी नहीं होगी अतः आप सभी लोगों से निवेदन है अपने शरीर को थोड़ा सा कष्ट है कष्ट दें व्यायाम करें अथवा आधा घंटा धूप में बैठे अथवा थाने में युक्त पदार्थ जरूर लें आंखों को नीले प्रकाश के नुकसान से बचाने के लिए नीले रंग की किरणों को रोकने वाला ब्लू कट लेंस अपने चश्मे में जरूर लगाएं धन्यवाद
प्रकाश गर्मियों के समय में ज्यादा मात्रा में शरीर को मिलता है सर्दियों में कम मात्रा में, अगर हम यूं कहें कि सर्दियों में शरीर को कम धूप मिलती है तो गलत नहीं होगा, सर्दियों में खाने के लिए मूंगफली, बादाम, संतरा जैसी बहुत सारी उपयोगी चीजें सिर्फ सर्दियों में ही मिलती हैं अगर हम यू कहें हैं कि इन सभी चीजों से हमको उस चीज की कमी नहीं रहती, जिसकी की हमें सर्दियों में होती है तो वह है "प्रकाश"और प्रकाश भी "नीला" प्रकाश, नीला प्रकाश हमारी बायोलॉजिकल क्लॉक को सुचारू रूप से चलाता है और मेलाटोनिन पिगमेंट्स बनाने में मदद करता है। रात को जब हम सोते हैं तब मेलाटोनिन अत्यधिक मात्रा में निकलता है और जब सुबह होती है और प्रकाश होने वाला होता है उस समय पर ये पिगमेंटस धीरे धीरे विड्रोल होना शुरू हो जाता है। जिसकी वजह से हमारी नींद खुल जाती है मनुष्य को खुश रखने के लिए हमारे शरीर में सेरिट होने सेराटोनिन बनाने में मदद करता है जो कि हमें खुश रखता है सेराटोनिन हमारे शरीर में नहीं बने तो हम इतना खुश नहीं रहेंगे। थोड़ा काम होंगे जो धूप में काम करते हैं प्रकाश में रहते हैं कुछ ज्यादा रहते हैं और जो लोग ऑफिस में आर्टिफिशियल लाइट की उपस्थिति में काम करते हैं उनको प्रकृति द्वारा प्रदत प्रकाश नहीं मिल पाता है जिस वजह से वह जब शाम को घर आते हैं तो उनको इतनी खुशी इतनी प्रसन्नता का एहसास नहीं होता है ऐसे लोग जब कभी भी अत्यधिक परिश्रम के बाद घर लौट के आते हैं तब उनकी प्रसन्नता उनके चेहरे पर नहीं दिखाई देती है सिर्फ तनाव इस तनाव का कारण पर्याप्त रूप से सटका ना बनना होता है सेराटोनिन पिग्मेंटस का ना बनना होता है अगर ये पिगमेंट नहीं बनता है तो उसका प्रमुख कारण प्रकाश के अंदर नीले रंग की रोशनी है नीले रंग का प्रकाश की बहुत आवश्यकता होती है लेकिन एल ई डी लाइट्स और एलइडी स्क्रीन के अंदर नीले रंग का प्रकाश बहुत अधिक मात्रा में उत्सर्जित होना पाया गया है जिस कारण से हमारी आंखों को अत्यधिक नुकसान पहुंचता है जैसे एज रिलेटेड मैकुलर डिजनरेशन उनमें से महत्वपूर्ण है यदि हम को ब्लू कलर की लाइट के अत्यधिक उत्सर्जन से होने वाली परेशानी से बचना है तो अपनी आंखों के सामने एक ऐसी शील्ड लगा दी जाए जिसकी वजह से वह नीला प्रकाश जो की एलईडी स्क्रीन से अत्यधिक मात्रा में निकलता है वह आपकी आंखों तक नहीं जा पाए यह सिर्फ उन लोगों के लिए है जो लोग कंप्यूटर और मोबाइल और टीवी पर ज्यादा समय बिताते हैं इसका एक नुकसान भी है इस ब्लू कलर की लाइट जोकि शरीर को फायदा करती है लेकिन अधिक मात्रा में नुकसान भी करती है अपनी आंखों को इस से बचाने के लिए रिप्रोडक्शन के रूप में ब्लू कट लेंस या ब्लू कट लेंस का प्रयोग करें और शरीर को ब्लू कलर की मात्रा उचित देने के लिए आधा घंटा धूप में अवश्य बैठे अगर आप धूप में नहीं बैठ सकते हैं तो आधा घंटा एरोबिक्स और एरोबिक्स एक्सरसाइज कर सकते हैं और अगर यह भी नहीं संभव हो पा रहा है तो कुछ ऐसा खाने में जोड़ें जिससे हमारे शरीर को भरपूर भरपूर मात्रा में कुछ ऐसा पदार्थ मिले जिसकी मदद से हमारा शरीर सेराटोनिन बना दे ऐसा कुछ वह पदार्थ होते हैं शो की अमीनो एसिड्स टिप टॉप फैन ट्रिप टो फैन से भरपूर मात्रा में से युक्त होते हैं जैसे कि मूंगफली ओट्स दही चॉकलेट्स आदि पदार्थ क्रिप्टो से युक्त होते हैं ऐसे पदार्थ खाने से हमारा दिमाग अपने आप शेरों ने बना देता है एक्सरसाइज भी नहीं कर पाते हैं तो युक्त पदार्थ खाने से हमारे शरीर में सेराटोनिन की कमी नहीं होगी अतः आप सभी लोगों से निवेदन है अपने शरीर को थोड़ा सा कष्ट है कष्ट दें व्यायाम करें अथवा आधा घंटा धूप में बैठे अथवा थाने में युक्त पदार्थ जरूर लें आंखों को नीले प्रकाश के नुकसान से बचाने के लिए नीले रंग की किरणों को रोकने वाला ब्लू कट लेंस अपने चश्मे में जरूर लगाएं धन्यवाद
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